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Saturday, 1 December 2018

मम्मी का जाड़ा --बाल गीत --देवेन्द्र कुमार


मम्मी का जाड़ा==देवेन्द्र कुमार ==बाल गीत


 

कैसा जाड़ा मम्मी का

खुद नल पर कपड़े धोती है

मुझे कहे तू ओढ़ रजाई

 

कैसा गुस्सा मम्मी का

मुझे मारकर खुद रोती है

बिना बात फिर मिले मिठाई

 

कैसी रोटी मम्मी की

खाते जाओ, खाते जाओ

दुगनी इसने भूख जगाई

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