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Monday, 21 May 2018

हंस कर मिले --देवेन्द्र कुमार --बाल गीत


हंसकर मिले---देवेन्द्र कुमार –बाल गीत

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हंसकर मिले किताब

तो पढ़ना अच्छा लगता है

 
इसमें कितनी कथा-कहानी

रातों में कहती है नानी

अपने मन से पढ़ें तो पढ़ना

अच्छा लगता है

 
पुस्तक मेरी फूलों जैसी

बातें इसमें कैसी कैसी

मां बोले शाबाश

तो पढ़ना अच्छा लगता है

 
पढ़ने से उजला होता मन

आता ज्ञान किताबों से छन

हम तुम मिलकर पढ़ें तो

पढ़ना अच्छा लगता है।

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