Monday, 4 February 2019

गजब मिठाई-बाल गीत-देवेन्द्र कुमार


गजब मिठाई—बाल गीत—देवेन्द्र कुमार

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पापा थैले में कुछ लाए

बोले-यह है नई मिठाई
 

ना रसगुल्ले, ना यह बरफी

बालूशाही, नहीं इमरती

हलवाई से दूर रहे यह

ऐसी है यह अजब मिठाई
 

मैंने पूछा नाम बताओ

मां बोलीं-आंखों से खाओ

जल्दी से जो थैला खोला

हमें मिली क्या खूब मिठाई
 

दो नाटक और बीस कथाएं

कुछ पन्नों ने गीत सुनाए

पढ़कर मैं पापा से बोला

आंखें मांगें और मिठाई
 

मम्मी ने हंस कर समझाया    

छक कर खाओ गजब मिठाई

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