Saturday, 9 February 2019

जादूगरनी--बाल गीत--देवेन्द्र कुमार


जादूगरनी—बाल गीत—देवेन्द्र कुमार

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सूरज डूबा हुआ अंधेरा

जादूगरनी आई

चूनर ओढ़ सितारों  वाली

कैसे है मुसकाई

 

माथे पर चंदा की बिंदी

उससे झर झर झरे चांदनी

नदियां, पोखर हैं चांदी के

जादू-- छड़ी घुमाई

 

पीछे पीछे नींद उतरती

आंखों में है सपने भरती

काम थके आराम करें हम

वाह क्या रात बनाई।====

 

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