Tuesday, 11 December 2018

पंख लगायें--बाल गीत--देवेन्द्र कुमार


पंख लगाएं—देवेन्द्र कुमार---बाल गीत

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आओ रोटी एक बनाकर

उसको मिल फैलाते जाएं

जैसे एक विशाल पतंग हो

एक नहीं हम कई बनाएं
 

 पंख लगाकर आसमान में

चाहे जहां कहीं ले जाएं

डोरी इनकी रखें हाथ में

आओ रोटी-पतंग उड़ाएं

 
कहते भूख बहुत दुनिया में

लोग रोज भूखे रह जाएं

उनके बीच उतारें रोटी

वे सब अपनी भूख मिटाएं

 
सब पूछें यह कैसे होगा

ऐसी रोटी कौन बनाए

भूखा-बेघर रहे न कोई

ऐसी दुनिया नई बनाएं।

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