नया साल है—बाल गीत—देवेन्द्र कुमार
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नए साल में वह सब होगा
नहीं हुआ जो गए साल में
भूखे पेट न कोई सोए
दुख से कोई आंख न रोए
सर्दी में न कोई बेघर
नए साल में
बाढ़ या सूखा या बीमारी
कैसी भी कोई लाचारी
नहीं किसी से कैसा भी डर
नए साल में
आओ मिलकर कर लें पूरे
जो भी सपने रहे अधूरे
रहे अंधेरा ना कोई घर
नए साल में
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